hum aazadi ka aur samarthi jivan kaise ji sakte hai
आप पर अनुग्रह और शांति हो! पवित्र आत्मा की मदद से छुटकारे को पा के सामर्थी होने के विषय मे आज हम सीखेंगे। इस दुनिया में हम लोगों के लिए कई जाल बिछाके रखे हुए हैं। उन से बचने के लिए पवित्र आत्मा की हमे बहुत ही ज़रूरत है।
2 कुरि 3:17: “प्रभु तो आत्मा है: और जहाँ कहीं प्रभु का आत्मा है वहाँ स्वतंत्रता है।”
इस वचन के अनुसार पवित्र आत्मा हमारे अंदर है इसीलिए हमारे अंदर स्वतंत्रता है। हमे सब प्रकार की परीक्षाओं से छुटकारा दिलाने के लिए वह हमारे अंदर जी रहा है। परमेश्वर पिता को हमारी सारी कमजोरी पता होती है इसलिए उन्होंने पहले से ही सोच के रखा था कि उन पर विश्वास करने वाले उनके पुत्र लोगों को अर्थात् हम को पवित्र आत्मा की मदद की जरूरत है। जिस पवित्र आत्मा को हम आज लेकर चल रहे हैं वही आत्मा प्रभु यीशु को भी जब वह पृथ्वी पर था संभाला है उसको मनुष्य के शरीर में रहते हुए आज नकदी रहने के लिए भी इस पवित्र आत्मा ने मदद किया था। आज वही पवित्र आत्मा मुझे और आपको मिला है इसलिए उसे पवित्र आत्मा का मदद लेकर हम विजयवंत और आजादी का जीवन जी सकते हैं।

पवित्र आत्मा हमारे अंदर रह कर हमें हर प्रकार के अंधकार और अशुद्धता और पापों से बचा कर रखने के लिए हमको मिला है। ताकि वह हमें पवित्र रहने में मदद करें और हम को प्रभु यीशु मसीह के स्वरूप में पूरे पूरा बदलने के लिए मदद करें। आजकल सब लोग छुटकारे के पीछे भागते हैं छुटकारे की प्रार्थना करवाते हैं मगर छुटकारा देने वाला सामर्थी आत्मा आपके अंदर मौजूद है उस पर आपका ध्यान क्यों नहीं है? और जो लोग सही तरीके से आपको छुटकारा दिलवाते हैं वह लोग भी आप ही के पास अधिकार इस्तेमाल करवा कर आपको कबूल करवा कर छुटकारा दिलवाते है। इसका मतलब है आपके अंदर रहने वाला पवित्र आत्मा के द्वारा ही वह छुटकारा होता है। और एक वचन हम देखते है,
यशाया 10:27: “उस समय ऐसा होगा कि उसका बोझ तेरे कंधे पर से और उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उठा लिया जाएगा, और अभिषेक के कारण वह जूआ तोड़ डाला जाएगा।””
जब हम पवित्र आत्मा पाते हैं तो उसे हम अभिषेक पाते हैं। इसका मतलब है जैसे तेल को सर पर उड़ेलते हैं वैसे ही पवित्र आत्मा भी सर पे उंडेला जाता है। और वह हमारे पूरे जीवन का कब्जा ले लेता है। तो सोच कर देखिए! जब पवित्र आत्मा आप पर उतरता था तब जैसे प्रभु यीशु कहते हैं प्रेरितों के काम 1:8 में कि तुम सामर्थ्य पाओगे जब वह उतरता है तो जो भी उसके बीच में आता है कितने भी आपके बंधन है उसे सब को तोड़ फ़ाड़ डालेगा! हल्लेलुयाह! और आपको आजाद कर देगा।
परंतु छुटकारा पाने के बाद हमें जो अगले स्तर में जाना चाहिए वह है सामर्थ्य पा कर बलवंत होना उसके विषय में मैं आपको आज समझाना चाहता हूं।
इफिसीओ 3:16: “कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ्य पाकर बलवन्त होते जाओ;”
तो यहां पर एक शब्द को ध्यान दीजिए जो है “भीतरी मनुष्यत्व”। हमारे अंदर नया सृष्टि होने के बाद अर्थात् हम उद्धार पा लेने के बाद एक भीतरी मनुष्यता होता है, जो मसीह के स्वरूप में हमेशा बदलते रहना चाहिए। उस की असर हमारे जीवन में होते रहता है जैसा आपका भीतरी मनुष्य रहेगा वैसे ही आपका बाहरी मनुष्यत्व दिखेगा। सरल शब्दों में कहे तो आप के अंदर के स्वभाव में बदलावाट होगा तो आपकी चाल चलन में भी बदलावट दिखेगा। और आपके अंदर जो भी बंधन होंगे वह सब अपने आप टूटते गिरते जाएंगे क्योंकि आपके अंदर परमेश्वर का वह सामर्थ्य काम कर रहा होता है जिसने मसीह को मुर्दों में से जिलाया।

इफिसीओ 1:19-20: “और उसकी सामर्थ्य हम में जो विश्वास करते हैं, कितनी महान् है, उसकी शक्ति के प्रभाव के उस कार्य के अनुसार जो उसने मसीह में किया कि उसको मरे हुओं में से जिलाकर स्वर्गीय स्थानों में अपनी दाहिनी ओर”
यह सामर्थ्य इतना ताकतवर काम करता है की न केवल यीशु को मुर्दों में से जिंदा किया परंतु उसे उच्च स्थान पर पिता के दाहिने हाथ पर बिठाया!
हल्लेलुयाह! कितनी महान! सही में इस पवित्र आत्मा के द्वारा जब आप सामर्थ्य का उपयोग करते हो तब अपने जीवन में विजय का अनुभव कर सकते हो। और आपके आनंद के दिन लौट आएंगे!
मसीह में आपका प्रिय भाई विपुल
यह आर्टिकल एक Guest पोस्ट है जो Rehoboth Life Ministries से है जिसने यह आर्टिकल लिखा है । उसकी Details मैंने नीचे दी है जिसे आप Contact कर सकते है ।
Name : D.V. Makwana
Ministry : Rehoboth Life Ministries
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